केरल मंदिर त्रासदी में 110 मरे, मोदी ने डरावना कहा

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fire-in-Kerala-templeकोल्लम: केरल के कोल्लम जिले में स्थित पुत्तिंगल मंदिर में रविवार तड़के लगभग साढ़े तीन बजे बिना अनुमति आतिशबाजी की गई, जिसकी चिंगारी ने भयंकर आग की शक्ल ले ली। इस हादसे में करीब 110 लोगों की मौत गई और 350 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में कई की हालत नाजुक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालात का जायजा लेने और मृतकों के प्रति शोक जताने विमान से कोल्लम पहुंचे और उसके बाद वह पेरावुर कस्बे में स्थित दुर्घटनास्थल पर गए। उन्होंने इसे एक भयानक हादसा कहा।

अस्पताल में भर्ती कई लोगों की हालत गंभीर है। मोदी ने सुझाव दिया कि घायलों को इलाज के लिए मुंबई या नई दिल्ली ले जाया जा सकता है।

पुलिस सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि मृतकों में सिर्फ दो महिलाएं हैं।

मोदी ने दिल्ली के लिए उड़ान पकड़ने से ठीक पहले तिरुवनंतपुरम में कहा, “यह त्रासदी अकल्पनीय और डरावनी है।” उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए दो-दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की।

केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मृतक परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। उन्होंने प्रत्येक घायल व्यक्ति के लिए दो लाख रुपये और मामूली रूप से घायल व्यक्ति के लिए 50,000 रुपये मुआवजे घोषित किए।

चांडी ने एक न्यायिक जांच के भी आदेश दिए और साथ में केरल पुलिस की अपराध शाखा को इस बात की जांच के आदेश दिए कि आतिशबाजी कैसे मौत की बारिश में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग कोल्लम जिले के तटीय शहर पेरावुर स्थित पुत्तिंगल मंदिर में रविवार तड़के 3.30 बजे तब लगी, जब वहां आतिशबाजी से एक चिंगारी निकलकर उस इमारत में जा गिरी, जहां उत्सव मनाने के लिए बड़ी मात्रा में उच्च क्षमता वाले पटाखे रखे थे।

आतिशबाजी के बीच देखते ही देखते पटाखों में धमाके शुरू हो गए और भयंकर आग लग गई। कुछ ही पलों में पूरी इमारत धराशायी हो गई।

मंदिर में रविवार तड़के शुरू हुई आतिशबाजी देखने के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए थे। पुत्तिंगल देवी को समर्पित यह मंदिर आमतौर पर सुबह पांच बजे खुलता है।

मंदिर परिसर में चल रहे उत्सव को कवर कर रहे पत्रकार लल्लू एस.पिल्लई ने आईएएनएस को बताया कि यह भयावह हादसा होने में सिर्फ चंद मिनट लगे। वह उस वक्त पास के एक मकान की छत पर कैमरामैन के साथ खड़े थे।

पिल्लई ने कहा, “आतिशबाजी खत्म होने में केवल आधा घंटा बाकी रह गया था, उसी दौरान एक पटाखे से एक चिंगारी उड़कर उस इमारत में जा गिरी, जहां बड़ी मात्रा में उच्च क्षमता वाले पटाखे रखे हुए थे।”

उन्होंने कहा, “कुछ ही मिनटों में इमारत ढहने लगी और हमने वहां कंपन महसूस किया।”

पिल्लई ने कहा, “इसके बाद वहां एकदम से कोहराम मच गया। धमाकों से कंक्रीट के टुकड़े हर जगह फैल गए।”

उन्होंने बताया कि वहां से आधे किलोमीटर के दायरे में मौजूद कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

सूचना मिलते ही सेना, वायुसेना और नौसेना की टीमें पहुंचीं। सभी टीमों ने मिलकर बचाव अभियान शुरू किया और घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। मदद के लिए कोच्चि से जहाज और तमिलनाडु से कई हेलीकॉप्टर रवाना किए गए।

हादसे के बाद मंदिर के अधिकारी घटनास्थल से फरार हो गए। आईएएनएस ने उनमें से कुछ से उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके फोन बंद मिले।

पुलिस ने अपराह्न् बाद इस मामले में ठेकेदार बाप-बेटे के पांच कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया, जो कथित तौर पर आतिशबाजी कार्यक्रम के लिए जिम्मेदार बताए जाते हैं। कोल्लम जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर में आतिशबाजी की इजाजत नहीं दी थी।

तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य थॉमस मैथ्यू ने कहा कि अस्पताल में करीब 45 लोगों को भर्ती कराया गया है। उनमें से अधिकांश के हाथ-पैरों की हड्डियां टूट गई हैं।

मैथ्यू ने कहा कि यहां हादसे में मृत 11 लोगों के शव लाए गए और अन्य दो की यहां पहुंचने के बाद मौत हो गई। घायलों को कई अन्य अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

केरल में हुए इस भीषण हादसे के बाद समूचे देश में मातम छा गया है।

चांडी ने कोल्लम में कैबिनेट की आपात बैठक के बाद कहा कि मंदिर में आतिशबाजी की अनुमति नहीं दी गई थी, फिर भी यह कार्यक्रम हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक लगाना भी मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। चांडी ने कहा, “इस हादसे से हम सबकी आंख खुल जानी चाहिए और सभी को दिशा-निर्देश के पालन में सहयोग करना चाहिए।”

केरल के राज्यपाल पी. सतशिवम ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने एक बयान में कहा, “इस तरह की दुखद घटनाएं पर्वो के दौरान कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत बताती हैं।”

भीषण हादसे को देखते हुए सभी राजनीतिक पार्टियों ने रविवार को अपने चुनावी कार्यक्रम रद्द कर दिए।

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