आम बजट : एक नज़र मुख्य बिंदु पर

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Budget-2016नई दिल्ली: आम बजट 2016-17 की मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं : – हर परिवार को 1 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। पीएम जन औषधि योजना के तहत 300 जेनरिक ड्रग स्टोर खुलेंगे।

– सड़क और राजमार्ग के लिए 55 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव। 50 हजार किलोमीटर राज्य राजमार्गो को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा।

– स्टैंड अप इंडिया योजना को एससी, एसटी महिला उद्यमियों के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित।

– गहरे समुद्र और अन्य गहरे स्रोतों से गैस उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।

– अवसंरचना क्षेत्र के विवादों के निपटारा के लिए ‘पब्लिक यूटिलिटी रिजोल्यूशन ऑफ डिस्प्यूट्स विधेयक’।

– प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को मिला 1,700 करोड़ रुपये।

– विद्यालय परित्याग प्रमाणपत्र के लिए डिजिटल डिपॉजिटरी।

– 1,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ उच्च शिक्षा वित्तीयन एजेंसी की होगी स्थापना।

– राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन से 76 लाख युवाओं को मिला प्रशिक्षण। 1,500 बहु-दक्षता प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना होगी।

– राज्यों द्वारा स्वेच्छा से स्वीकार करने के लिए मॉडल शॉप्स एंड एस्टीबलेशमेंट विधेयक जारी किया जाएगा।

– चालू खाता घाटा घटकर 14.4 अरब डॉलर।

– ग्रामीण और शहरी निकायों के लिए 2.87 लाख करोड़ रुपये।

– पशु कल्याण कार्यक्रम, पशु स्वास्थ्य कार्ड, ब्रीडरों को आपस में जोड़ने के लिए ई-विपणन प्लेटफार्म।

– एक मई 2018 तक 100 फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल होगा।

– मध्य और निम्न मध्य वर्ग के 75 लाख परिवारों ने स्वेच्छा से एलपीजी सब्सिडी का त्याग किया।

– पीएमजीएसवाई के लिए 19 हजार करोड़ रुपये आवंटित।

– 2015-16 में कृषि ऋण लक्ष्य 8.5 लाख करोड़ रुपये। 2016-17 के लिए नौ लाख करोड़ रुपये।

– 2016-17 में कृषि के लिए 35,984 करोड़ रुपये आवंटित।

– अगले तीन साल में जैविक खेती को जोत बढ़ाकर पांच लाख एकड़ किया जाएगा।

– मनरेगा को मिलेगा 38,500 करोड़ रुपये।

– बैंकों का आगामी वित्त वर्ष में पुनर्पूजीकरण।

– दूरदर्शी वित्तीय नीति की जरूरत। घरेलू मांग बढ़ाए जाने की जरूरत। सुधार की जरूरत।

– कृषि, ग्रामीण क्षेत्र, अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्र के लिए कोष बढ़ा।

– 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों और ओआरओपी कार्यान्वयन के चलते खर्च की प्राथमिकता तय करना जरूरी।

– सुधार के नौ स्तंभ। इनमें कृषि, सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा, अवसंरचना, वित्तीय अनुशासन और कर सुधार शामिल।

– संकटपूर्ण वैश्विक अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि में बजट पेश।

– विरासत में मिली चुनौती को अवसर में बदला।

– उपभोक्ता महंगाई दर घटकर 5.4 फीसदी आई, जो पहले नौ फीसदी से अधिक थी। आम आदमी को राहत मिली।

– विदेशी पूंजी भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) सर्वोच्च स्तर पर।

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